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दुर्ग में ‘पीएम सूर्य घर’ योजना पर परिचर्चा, 41 लोगों ने मौके पर कराया रजिस्ट्रेशन….

 

दुर्ग में ‘पीएम सूर्य घर’ योजना पर परिचर्चा, 41 लोगों ने मौके पर कराया रजिस्ट्रेशन….

दुर्ग  – प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने के उद्देश्य से दिनांक 06 अगस्त, 2025 को एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन रायपुर नाका स्थित दुर्ग रीजन के क्षेत्रीय मुख्यालय प्रांगण किया गया। कार्यक्रम में इच्छुक उपभोक्ताओं को योजना के लाभों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस परिचर्चा में विद्युत विभाग के सेवानिवृत्त एवं कार्यरत अधिकारियों तथा कर्मचारियों, योजना से जुड़े वेंडर्स और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थितजनों को योजना के लाभों, आवेदन प्रक्रिया और सब्सिडी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस पहल का नतीजा रहा कि 41 लोगों ने मौके पर ही योजना के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाकर सोलर प्लांट लगवाने की सहमति दी।
सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने कहा कि लोगों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को भी तेज़ी से लागू कर रही है, जिसके अंतर्गत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र और राज्य सरकारों से अधिकतम ₹1,08,000/- तक की सब्सिडी दी जा रही है। योजना के तहत 02 किलोवॉट प्लांट से प्रतिमाह औसतन 240 यूनिट उत्पादन संभव है, जिस पर ₹ 90,000 तक कुल सब्सिडी (₹ 60,000 केंद्र $ ₹ 30,000 राज्य) मिलती है। 03 किलोवॉट क्षमता के प्लांट से प्रतिमाह औसतन 360 यूनिट उत्पादन संभव है, और इसमें ₹ 78,000 केंद्र $ ₹ 30,000 राज्य यानी कुल ₹1,08,000 की सहायता मिलती है। शेष राशि के लिये जो उपभोक्ता बैंक से ऋण लेना चाहते हैं, उनके लिये आकर्शक एवं न्यूनतम वार्षिक ब्याज दर 6.0 से 6.5 प्रतिशत् एवं कम से कम दस्तावेज यथा बिजली बिल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वेंडर कोटेशन एवं फीजिबिलिटी रिपोर्ट के साथ राष्ट्रीयकृत बैंकों से ऋण भी उपलब्ध है। ज्ञात हो कि दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के 911 परिवार सोलर पैनल लगाकर ना केवल मुफ्त बिजली का लाभ उठा रहे हैं, बल्कि बिजली के बिलों से भी राहत पा रहे हैं।
आयोजित कार्यक्रम में अधीक्षण अभियंता श्री जे.जगन्नाथ प्रसाद ने बताया कि 2 किलोवॉट या अधिक क्षमता वाले प्लांट लगाने वाले उपभोक्ता प्रतिमाह 240 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन 25 साल तक कर सकते हैं, जो 03 अगस्त 2025 के पहले लागू हॉफ बिजली योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट (400 यूनिट पर 200 यूनिट रियायत) से भी ज्यादा है। ऐसे उपभोक्ता अपने घर में सौर ऊर्जा से उत्पन्न विद्युत का उपयोग कर न सिर्फ बिजली खर्च से मुक्ति पा सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर आय भी अर्जित कर सकते हैं। कार्यक्रम में कार्यपालन अभियंता श्री छगन कुमार षर्मा ने बताया कि इस योजना का लाभ उपभोक्ताओं को पूर्णतः आनलाइन प्रकिया के तहत दिया जा रहा है। जिसके तहत उपभोक्ता स्वयं ऑनलाईन पोर्टल https://pmsuryaghar.gov.in/#/ पर लॉग इन कर अथवा पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप, CSPDCL के वेबसाइट, मोर बिजली ऐप एवं बिजली कंपनी की टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए CSPDCL के नजदीकी बिजली दफ्तर में संपर्क कर सकते है। इस स्कीम के तहत उपभोक्ता सौर प्लांट के स्थापना हेतु वेंडर का चयन ऑनलाइन खुद कर सकते हैं। सौर प्लांट स्थापित होने के बाद केन्द्र एवं राज्य से प्राप्त होने वाली सब्सिडी राशि सीधे उपभोक्ता के खाते में अथवा बैंक से लोन लेने वाले प्रकरण में सीधे बैंक के खाते में प्राप्त होगी। वहीं बैंक प्रतिनिधियों की मौजूदगी से लोन संबंधी जानकारी भी तुरंत मिल सकी, जिससे आवेदन की प्रक्रिया और भी आसान हो गई।
इस परिचर्चा का एक खास लक्ष्य विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इस योजना की पूरी जानकारी देना था, ताकि वे खुद भी इसका लाभ उठा सकें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर सके। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य अभिंयता श्री एच.के.मेश्राम, अधीक्षण अभियंता द्वय श्री एस. मनोज एवं श्री सलिल कुमार खरे, रिटायर्ड इंजीनियर एसोसिएशन दुर्ग के अध्यक्ष श्री आर.एस.अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बिजली सेवानिवृत्त कर्मचारी/अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक देवांगन, दुर्ग रीजन के समस्त कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, सेवानिवृत्त अधिकारी रहे मौजूद।

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