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राजपुर में चेक डेम से 40 किसानों को मिला सिंचाई का सहारा, 10 हजार घनमीटर जल संरक्षण की क्षमता…

राजपुर में चेक डेम से 40 किसानों को मिला सिंचाई का सहारा, 10 हजार घनमीटर जल संरक्षण की क्षमता…

रोजगार गारंटी योजना के तहत 12 मीटर स्पैन वाले चेक डेम का निर्माण, 874 मानवदिवस का हुआ सृजन…

दुर्ग। श्री अभिजीत सिंह, कलेक्टर दुर्ग के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए रोजगार गारंटी योजना के तहत विभिन्न जल संरक्षण संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनपद पंचायत धमधा की ग्राम पंचायत राजपुर में श्रीराम के खेत के पास समुदाय के लिए चेक डेम का निर्माण कराया गया है। इस चेक डेम से वर्षा जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण एवं किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिल रहा है।
12 मीटर स्पैन वाले इस चेक डेम की जल संरक्षण क्षमता 10,000 घनमीटर है। पहले वर्षा का अधिकांश पानी बहकर नालों में चला जाता था, लेकिन चेक डेम बनने के बाद पानी संरक्षित होकर धीरे-धीरे भूमि में रिस रहा है। इससे भू-जल का पुनर्भरण हो रहा है तथा आसपास के कुओं, हैंडपंपों एवं बोरवेल में जल उपलब्धता बढ़ी है। गर्मी के मौसम में भी जल स्रोत पहले की तुलना में अधिक समय तक सक्रिय बने रहते हैं।

*874 मानवदिवस का हुआ सृजन*
चेक डेम निर्माण कार्य वर्क आईडी 3303005063/WC/1111594523 के तहत कराया गया। कार्य के लिए ₹15.47 लाख की स्वीकृत राशि के विरुद्ध ₹14.23 लाख का व्यय हुआ है। इसमें ₹2.18 लाख मजदूरी तथा ₹12.05 लाख सामग्री मद में व्यय शामिल है। निर्माण कार्य से 874 मानवदिवस का रोजगार सृजित हुआ। चेक डेम से लगभग 40 किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

*सीईओ जिला पंचायत ने कहा—जल संरक्षण से किसानों की आय को मिलेगा बढ़ावा*
श्री बजरंग कुमार दुबे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग ने बताया कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत निर्मित जल संरक्षण की परिसंपत्तियां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ दीर्घकालीन जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राजपुर का चेक डेम वर्षा जल को संरक्षित कर भू-जल स्तर बढ़ाने और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बना है। इससे किसानों को खरीफ के साथ रबी एवं सब्जी फसलों की सिंचाई में सुविधा मिल रही है तथा कृषि आधारित आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।

*कार्यक्रम अधिकारी ने बताया—40 किसानों को मिल रहा प्रत्यक्ष लाभ*
श्री भूपेन्द्र कुमार देवांगन, कार्यक्रम अधिकारी, जनपद पंचायत धमधा ने बताया कि चेक डेम से आसपास के लगभग 40 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। जल उपलब्धता बढ़ने से किसानों की सिंचाई संबंधी समस्या कम हुई है। संरक्षित पानी से खेतों में फसलों की सिंचाई आसान हुई है तथा रबी और सब्जी उत्पादन के लिए भी बेहतर अवसर उपलब्ध हुए हैं।
*तकनीकी सहायक ने बताया—10 हजार घनमीटर पानी होगा संरक्षित*
तकनीकी सहायक धमधा श्रीमती पूजा पटेल ने बताया कि 12 मीटर स्पैन वाले इस चेक डेम की 10,000 घनमीटर जल संरक्षण क्षमता है। पहले वर्षा का अधिकांश पानी बहकर नालों में चला जाता था, लेकिन अब यह पानी चेक डेम में संग्रहित होकर धीरे-धीरे भूमि में रिसता है। इससे भू-जल का पुनर्भरण हो रहा है और आसपास के कुओं, हैंडपंपों तथा बोरवेल के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गर्मी के मौसम में भी जल स्रोत अधिक समय तक सक्रिय रहने से किसानों और ग्रामीणों को पर्याप्त जल उपलब्ध हो रहा है।
*खरीफ के साथ रबी एवं सब्जी फसलों को भी मिलेगा लाभ*
चेक डेम से लाभान्वित किसानों में श्री केवल साहू, श्री ईश्वरी पाल, श्री हरि साहू, श्री रूपेश साहू एवं श्री रत्नु साहू सहित आसपास के अन्य किसान शामिल हैं। जल उपलब्धता में सुधार से किसानों को खरीफ के साथ रबी एवं सब्जी फसलों की सिंचाई में सुविधा मिल रही है। इससे सिंचाई लागत में कमी और फसल उत्पादन में वृद्धि के साथ ग्रामीण परिवारों की कृषि आधारित आय बढ़ाने में सहायता मिल रही है।
राजपुर में निर्मित यह चेक डेम रोजगार सृजन, जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और कृषि विकास को एक साथ जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ग्रामीण परिसंपत्ति के रूप में किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।

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