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सेवक शाला का शुभारंभ : बच्चों में संस्कार और सनातन ज्ञान का अनूठा प्रयास…
सेवक शाला का शुभारंभ : बच्चों में संस्कार और सनातन ज्ञान का अनूठा प्रयास
भिलाई। सेवा, संस्कार और सनातन धर्म के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से सेवक जन फाउंडेशन एवं त्रिमूर्ति मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में “सेवक शाला” का शुभारंभ किया गया। वर्ष 2024 में सफल आयोजन के पश्चात इस वर्ष भी विकास जायसवाल के द्वारा इस अनूठी पहल को पुनः प्रारंभ किया गया है।
यह कक्षा त्रिमूर्ति मंदिर प्रांगण, BM शाह हॉस्पिटल के पास, शास्त्री नगर भिलाई में आयोजित की जा रही है।(प्रति रविवार संध्या 6:30 से 7:30)
कार्यक्रम के प्रथम दिवस कक्षा का आयोजन अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें कुल 16 बच्चों ने सहभागिता की। इस अवसर पर अस्मिता, प्रज्ञा, दक्ष, मिस्का, आदित्य, राम, दिव्यांशु, शौर्य, चिराग, निष्ठा, आरना, विहारिका, दक्षिता, तपस्या, अंकित आदि बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विशेष बात यह रही कि कॉलोनी के अनेक अभिभावक स्वयं अपने बच्चों को लेकर आए तथा कुछ अभिभावक कक्षा में उपस्थित रहकर सनातन धर्म की प्रारंभिक जानकारी से अवगत हुए।
“सेवक शाला” का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके सनातन धर्म, संस्कारों और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। इस कक्षा में बच्चों को सरल एवं रोचक तरीके से यह सिखाया जाता है कि सनातन धर्म हमें
सच्चाई के मार्ग पर चलना,
बड़ों का सम्मान करना,
प्रकृति की सेवा करना,
तथा सभी के प्रति प्रेम और सद्भाव रखना सिखाता है।
कार्यक्रम में त्रिमूर्ति मंदिर समिति के अनिल जायसवाल द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए पूरे आयोजन का संयोजन किया गया। उन्होंने कॉलोनी के सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को इस कक्षा में भेजने का आग्रह किया, जिससे वे अपने धर्म और संस्कारों से जुड़ सकें।
सेवक जन फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं विश्व हिंदू परिषद के जिला सेवा प्रमुख विकास जायसवाल द्वारा बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार सिलेबस एवं नोट्स के आधार पर कक्षा संचालित की गई। उन्होंने बच्चों के साथ हंसते-खेलते, कहानियों और गतिविधियों के माध्यम से सनातन धर्म की प्रारंभिक जानकारी देना प्रारंभ किया, जिससे बच्चे सहज रूप से सीख सकें।
ज्ञात हो कि वर्ष 2024 में आयोजित “सेवक शाला” में कॉलोनी के 29 बच्चों ने भाग लिया था तथा यह कार्यक्रम लगातार 9 कक्षाओं (सप्ताह) तक संचालित किया गया था। प्रत्येक कक्षा में बच्चों को छोटे-छोटे मंत्र सिखाए जाते थे तथा उन्हें नियमित अभ्यास कराया जाता था। कार्यक्रम के अंतिम सप्ताह में बच्चों द्वारा गणेश गायत्री मंत्र के साथ 108 आहुतियों का हवन कर भव्य समापन किया गया था।
इस वर्ष भी इसी प्रकार के समापन कार्यक्रम की योजना बनाई जा रही है, जिससे बच्चों में सनातन धर्म के प्रति गहरी आस्था एवं जागरूकता विकसित हो सके।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मंदिर समिति के विनोद मिश्रा, प्रवीण मेहता एवं सुनीता रानी का विशेष योगदान रहा।
“सेवक शाला” केवल एक कक्षा नहीं, बल्कि एक ऐसा प्रयास है जो आने वाली पीढ़ी को उनके धर्म, संस्कार और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
behtarsamvad
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