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विजयदशमी पर्व नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाता है,सत्य श्रेष्ठ व्यक्ति की वस्तु है : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,भावी पीढ़ी अहंकार और अहम का त्याग कर ज्ञान को अर्जित कर विद्वान बने…

विजयदशमी पर्व नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाता है,सत्य श्रेष्ठ व्यक्ति की वस्तु है : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

भावी पीढ़ी अहंकार और अहम का त्याग कर ज्ञान को अर्जित कर विद्वान बने

दुर्ग । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भिलाई 03 के बिजली नगर में  सार्वजनिक विजयदशमी उत्सव समिति द्वारा आयोजित दशहरा  कार्यक्रम में रावण दहन के लिए पहुंचे थे। उनकी उपस्थिति में असत्य और बुराई के प्रतीक 30 फीट ऊंचाई के रावण के पुतले का दहन किया गया। मैदान में आतिशबाजी का प्रदर्शन भी हुआ जिसे देखकर स्थानीय निवासी मंत्रमुग्ध हुये। इस आयोजन में गीत संगीत से लेकर जय तुलसी मानस एवं रामलीला मंडली द्वारा भी बहुत ही सुंदर कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई जिसका आनंद उपस्थित जनों ने लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए दशहरा को असत्य पर सत्य की जीत का पावन संदेश देने वाला त्यौहार  बताया। उन्होंने भारतीय त्योहारों की विशेषता का उल्लेख करते हुए बताया कि अधिकांश त्यौहार अपने साथ एक नैतिक शिक्षा लेकर आते हैं। दशहरा का यह पर्व सभी को संदेश देता है कि चाहे कुछ भी हो, सत्य की हमेशा विजय होती है। सत्य वास्तव में श्रेष्ठ व्यक्ति की वस्तु है इसलिए आवश्यक है कि आज की युवा पीढ़ी इसे अपने में आत्मसात करे और अपने जीवन को एक सकारात्मक दिशा दे। उन्होंने रावण के अहंकार और अहम को उसके पतन का कारण बताया। इसलिए उन्होंने भावी पीढ़ी से अहंकार और अहम को त्याग कर ज्ञान को अर्जित कर विद्वान बनने की बात कही ताकि परिवार और समाज सभी का विकास हो।
कार्यक्रम में शैलेष नितिन त्रिवेदी पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष, गोविंद चंद्राकर, सुजीत बघेल अन्य जनप्रतिनिधियों वह अधिकारी गण उपस्थित थे।

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